भागीरथपुरा जलकांड पर सियासत तेज, ‘घंटा’ बयान से लेकर लोकगीत तक मचा बवाल
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के बाद राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। इस गंभीर त्रासदी पर जहां एक ओर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सियासी बयानबाज़ी ने माहौल और गरमा दिया है। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चर्चित ‘घंटा’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है और इसे जनता की पीड़ा का अपमान बता रही है।
इधर, इस पूरे घटनाक्रम में अब लोक कलाकारों की आवाज़ भी मुखर हो गई है। एक लोकगायक ने भागीरथपुरा जलकांड पर तीखा गीत रचकर सत्ता और सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। यह गीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोकगायक हरनाम सिंह नरवरिया ने अपनी गायकी के माध्यम से इस त्रासदी पर कटाक्ष करते हुए पीड़ित परिवारों की पीड़ा, सरकारी उदासीनता और सियासी बयानबाज़ी को गीत के बोलों में पिरोया है। उनका कहना है कि जब संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग गैर-जिम्मेदार बयान देते हैं, तो कलाकारों का कर्तव्य है कि वे जनता की आवाज़ बनें।
भागीरथपुरा की घटना ने न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश में जल-प्रबंधन, जवाबदेही और संवेदनशील शासन पर बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि मौतों के बाद भी बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर पीड़ितों को न्याय और सुरक्षित पेयजल कब मिलेगा।

